उन्हें अपना आकाश चुनने को मुक्त कर दीजिये! #आत्मनिर्भर

आत्मनिर्भर

कभी किसी पंछी को देखा है? जब उसे अंडे देने होते है तो वो सर्वप्रथम एक स्थान खोजता है। एक स्थान जो वर्षा, धूप, शत्रुओं से सुरक्षित हो फिर वो अपना घोंसला बनाता है फिर अंडे देता है और फिर जब उन अण्डों से नन्हीं संतानें निकल आती है तो उन्हें भोजन देता है, उनकी सुरक्षा करता है परन्तु जब उनके पंख निकल आये तो ना उन्हें भोजन देती है ना ही उन्हें घोंसला बनाना सिखाती है।
केवल एक ही कला सिखाती है बस फिर वो नन्हीं संतानें उड़ने की कला सीख कर अपना भोजन लाना सीख जाते है स्वयं घोंसला बनाना सीख जाते है और हम मनुष्य क्या करते है?
संतान के बड़े होने के पश्चात भी उनकी चिंता में सूखते है, प्रयास करते है कि उनके लिए घर बना सके। संतान को और भी शक्तिशाली बनाने के स्थान पर पंगु कर जाते है।
जीवन में वही कीजिये जो एक पंछी करता है अपनी संतान को उड़ने की कला सिखाइये, संस्कार दीजिये और एक समय के पश्चात उसे स्वयं अपना आकाश चुनने को मुक्त कर दीजिये।

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Karma · Motivational · Quote Of The Day · VISHWAS
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