ठहाके छोड़ आये हैं अपने कच्चे घरों मे हम….

ठहाके छोड़ आये हैं अपने कच्चे घरों मे हम….
रिवाज़ इन पक्के मकानों में बस मुस्कुराने का है”

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VISHWAS
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